महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और न्याय सुनिश्चित करना भारत सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वन स्टॉप सेंटर योजना (One Stop Centre Scheme) की शुरुआत की गई। राजस्थान में यह योजना महिलाओं को हिंसा, उत्पीड़न, दहेज, घरेलू हिंसा, एसिड अटैक, मानव तस्करी, बाल विवाह, यौन उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के शोषण से सुरक्षित और कानूनी सहयोग प्रदान करती है।
वन स्टॉप सेंटर योजना राजस्थान महिलाओं को एक ही जगह पर काउंसलिंग, मेडिकल सहायता, कानूनी सलाह, आश्रय (Shelter), पुलिस सहायता और पुनर्वास सपोर्ट उपलब्ध करवाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है—महिलाओं को बिना किसी भटकाव के वन-स्टॉप समाधान देना।
वन स्टॉप सेंटर योजना राजस्थान की मुख्य विशेषताएं
- महिलाओं के लिए 24×7 सहायता सेवा
- पीड़िता को मुफ़्त कानूनी सलाह
- मेडिकल उपचार और प्राथमिक चिकित्सा
- साइकोलॉजिकल काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता
- अस्थायी रहने की व्यवस्था (Short Stay Facility)
- शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस सहायता
- ऑनलाइन या टेलिफोनिक सहायता सुविधा
वन स्टॉप सेंटर योजना का उद्देश्य (Objectives)
One Stop Centre Yojana योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राजस्थान में:
- महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता मिले।
- पीड़ित महिला को बिना परेशानी और डर के मदद मिल सके।
- सभी जरूरी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों।
- महिला हिंसा के मामलों में न्याय और पुनर्वास को तेज किया जाए।
इस योजना के माध्यम से सरकार महिलाओं को न केवल सुरक्षा देती है बल्कि उन्हें समाज में सम्मान के साथ पुनः खड़े होने में मदद भी करती है। वन स्टॉप सेंटर योजना की विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाये : https://wcd.rajasthan.gov.in/
कौन लाभ उठा सकता है? (Eligibility Criteria)
वन स्टॉप सेंटर योजना राजस्थान के तहत निम्न महिलाएं लाभ प्राप्त कर सकती हैं:
- 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं
- घरेलू हिंसा की पीड़िता
- दहेज उत्पीड़न से प्रभावित महिलाएं
- यौन अपराध पीड़िता (Rape, Molestation, Abuse)
- एसिड अटैक पीड़ित महिलाएं
- मानव तस्करी की शिकार महिलाएं
- उत्पीड़न या अपराध की गवाह महिला
इसके अलावा, नाबालिग पीड़िताओं के लिए यह सेवा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के माध्यम से उपलब्ध है।
One Stop Centre Scheme के तहत उपलब्ध सेवाएं
| सेवा का नाम | विवरण |
|---|---|
| मेडिकल सहायता | प्राथमिक उपचार, अस्पताल सहायता और स्वास्थ्य जांच |
| कानूनी सलाह | केस फाइलिंग, FIR, कोर्ट प्रक्रियाओं में सहायता |
| पुलिस सहायता | तुरंत FIR दर्ज करवाना और सुरक्षा उपलब्ध |
| काउंसलिंग सहायता | मानसिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक समर्थन |
| आश्रय सुविधा | सुरक्षित अस्थायी आवास (Short Term Shelter) |
| वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा | कोर्ट या पुलिस पूछताछ ऑनलाइन |
यह भी देखे : बकरी पालन योजना राजस्थान
वन स्टॉप सेंटर योजना राजस्थान में कैसे आवेदन करें?
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को किसी जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। वह निम्न तरीकों से संपर्क कर सकती हैं:
1. हेल्पलाइन नंबर
- 181 महिला हेल्पलाइन
- 112 आपातकालीन सहायता नंबर
2. वन स्टॉप सेंटर के कार्यालय में जाकर
प्रत्येक जिले में वन स्टॉप सेंटर मौजूद हैं, जहाँ महिला सीधे जाकर सहायता ले सकती है।
3. पुलिस स्टेशन
पुलिस स्टेशन से सीधा रेफरल वन स्टॉप सेंटर भेजा जाता है।
4. अस्पताल
अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा के बाद पीड़िता को सेंटर भेजा जाता है।
योजना के लाभ (Benefits)
- सभी सेवाएं मुफ़्त उपलब्ध होती हैं।
- पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
- तत्काल सहायता बिना किसी दस्तावेज़ के मिल सकती है।
- महिलाएं सुरक्षित वातावरण में मदद प्राप्त करती हैं।
- केंद्र पीड़िता को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पुनर्वास सहायता भी देता है।
राजस्थान में वन स्टॉप सेंटर संचालित जिले
राजस्थान में लगभग सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर संचालन में हैं, जैसे:
जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अलवर, अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, सीकर, बूंदी, राजसमंद, धौलपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ आदि।
One Stop Centre Scheme Rajasthan – वन स्टॉप सेंटर योजना राजस्थान महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। इस योजना ने न केवल मदद तलाशने की प्रक्रिया को सरल बनाया है, बल्कि हिंसा की शिकार महिलाओं को सम्मानपूर्वक न्याय पाने का मार्ग भी प्रदान किया है। यदि कोई महिला किसी प्रकार की हिंसा का सामना कर रही है, तो उसे डरने या चुप रहने की आवश्यकता नहीं—वह तुरंत 181 हेल्पलाइन, पुलिस या निकटतम वन स्टॉप सेंटर से संपर्क कर सकती है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
क्या वन स्टॉप सेंटर में मिलने वाली सेवाएं मुफ्त हैं?
हाँ, इस योजना के तहत सभी सेवाएं पूरी तरह से निःशुल्क हैं।
क्या शिकायत दर्ज करने के लिए दस्तावेज़ जरूरी हैं?
प्रारंभिक सहायता बिना दस्तावेज़ भी उपलब्ध है।
क्या पीड़िता की जानकारी गोपनीय रखी जाती है?
हाँ, सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहती है।
क्या इस योजना का लाभ विदेशी या प्रवासी महिलाएं भी ले सकती हैं?
हाँ, भारत में मौजूद सभी महिलाएं लाभ ले सकती हैं।



